फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hanuman Janmotsav 2020: आज मनाया जाएगा हनुमान जी का जन्मोत्सव, जरूर करें ये 4 उपाय

Wed, 08 Apr 2020 01:09 AM IST
योगेश जोशी धर्म डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
hanuman janmotsav
बुधवार, 8 अप्रैल यानी आज हनुमान जी का जन्मोत्सव है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हनुमान जी का जन्म चैत्र महीने की पूर्णिमा के दिन हुआ था। इस साल यह तिथि आज 8 अप्रैल, बुधवार के दिन पड़ रही है। हनुमान जन्मोत्सव के दिन हनुमान जी की पूजा करने से मनावांछित फलों की प्राप्ति होती है। इस दिन हनुमान जी को खुश करने के लिए कुछ कार्य करने चाहिए। आइए, आज हम बताते हैं वो 4 काम जो इस दिन अवश्य करें...


 
विज्ञापन

2 of 5
hanuman janmotsav
हनुमान जी के समक्ष ज्योत जलाएं
  • हनुमान जन्मोत्सव के दिन हनुमान जी के समक्ष ज्योत अवश्य जलाएं। अगर संभव हो तो इस दिन हनुमान जी के समक्ष घी की अखंड ज्योत जलाएं। इस उपाय को करने से हनुमान जी खुश होते हैं ओर सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं।


 
विज्ञापन

3 of 5
hanuman janmotsav - फोटो : सोशल मीडिया
श्री राम नाम का संकीर्तन करें
  • हनुमान जी भगवान राम के परम भक्त हैं और हनुमान जी को खुश करने का सबसे आसान उपाय है, राम नाम का संकीर्तन। हनुमान जी के जन्मोत्सव पर राम जी के नाम का संकीर्तन अवश्य करें। इस दिन कुछ समय निकाल कर "श्री राम जय राम जय जय राम", "सिया राम जय राम जय जय राम" या "राम सिया राम सिया राम जय जय राम" का संकीर्तन करें।


 

4 of 5
hanuman janmotsav - फोटो : amar ujala
हनुमान जी को भोग लगाएं
  • हनुमान जी को हनुमान जन्मोत्सव के दिन भोग अवश्य लगाएं। आप हनुमान जी को अपनी इच्छानुसार भोग लगाएं, बस इस बात का खास ध्यान रखें कि हनुमान जी को सिर्फ सात्विक आहार का भोग लगाएं। हनुमान जी को इस दिन मीठे का भोग भी लगाएं। आप बेसन, बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं। अगर इस समय आपको लड्डू मिलने में दिक्कत हो तो आप घर पर ही कुछ मीठा बना कर हनुमान जी को भोग लगाएं।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
hanuman janmotsav
हनुमान चालीसा, सुंदरकांड का पाठ
  • हनुमान जन्मोत्सव के दिन हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करें। इस दिन से नित्य हनुमान चालीसा के पाठ करने का नियम बना लें। इस पावन दिन एक से अधिक हनुमान चालीसा के पाठ करने का प्रयास करें। संभव हो तो इस दिन सुंदरकांड का पाठ भी अवश्य करें।


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें