हर साल आषाढ़ महीने की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है। इस बार गुरु पूर्णिमा 16 जुलाई को है। हिंदू संस्कृति में गुरु को भगवान से बड़ा माना गया है। महर्षि वेद व्यास पहले गुरु थे, जिन्होंने सनातन धर्म के चारों वेदों की व्याख्या की थी। सनातन धर्म में महर्षि वेद व्यास को प्रथम गुरु माना जाता है।
गुरु पूर्णिमा पूजा विधि
- गुरु पूर्णिमा पर सुबह जल्दी उठकर दैनिक क्रिया से निवृत्त हो जाएं।
- घर की उत्तर दिशा में सफेद वस्त्र पर गुरु का चित्र रखें। अगर आपके गुरु आपके पास हैं या आश्रम में है तो वहां पर इसका प्रबंध करें।
- इसके बाद आप अपना नाम, अपने गौत्र का उच्चारण करके हाथ में जल लेकर गुरु पूजा का संकल्प लें।
- फिर भगवान का ध्यान करते हुए गुरु के चरण धोएं।
- सफेद या पीले वस्त्रों में ही पहनकर ही गुरु पूर्णिमा की पूजा करें।
- इसके बाद गुरु को फूलों की माला अर्पित करें।
- गुरु के चित्र या साक्षात गुरु की आरती उतारकर उनसे आशीर्वाद मांगे।
गुरु पूर्णिमा 2019 -शुभ मुहूर्त
पूर्णिमा तिथि की आरम्भ- 16 जुलाई को 1 बजकर 48 मिनट
पूर्णिमा तिथि की समाप्ति- 17 जुलाई को 3 बजकर 7 मिनट पर
शुभ मुहूर्त- गुरु पूर्णिमा पर दोपहर 1.30 से 4.00 बजे तक राहुकाल चलेगा। इससे पहले गुरु पूर्णिमा की पूजा कभी भी की जा सकती है।