फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Guru Purnima 2024: गुरु पूर्णिमा पर बन रहे हैं कई दुर्लभ संयोग, गुरुओं की आराधना करने पर मिलेगा आशीर्वाद

Sun, 21 Jul 2024 06:33 AM IST
शिखर बरनवाल धर्म डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
गुरु पूर्णिमा - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

Guru Purnima 2024: आज यानी 21 जुलाई, 2024 को गुरु पूर्णिमा मनाई जा रही है। हिंदू धर्म में गुरु पूर्णिमा का पर्व अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह पर्व आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा और वेद पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। गुरु पूर्णिमा का महत्व गुरु और शिष्य के पवित्र संबंध का प्रतीक है। इस दिन, शिष्य अपने गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं और उनके ज्ञान और मार्गदर्शन के लिए उनका सम्मान करते हैं। इस साल गुरु पूर्णिमा पर कई दुर्लभ योगों का संयोग बन रहा है, जिसके कारण इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। आइए इस लेख में इन्हीं योग के बारे में विस्तार से जानते हैं।

विज्ञापन

गुरु पूर्णिमा - फोटो : Amar Ujala
कब है गुरु पूर्णिमा की तिथि?
ग्रेगोरियन कैलेंडर के मुताबिक 21 जुलाई 2024 के दिन ये त्योहार मनाया जाएगा। आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 20 जुलाई शाम 05 बजकर 59 मिनट से होगी, वहीं इसका समापन 21 जुलाई को दोपहर 03:46 मिनट पर होगा।

ये भी पढ़ें- Guru Purnima 2024: आखिर क्यों मनाई जाती है गुरु पूर्णिमा? जानिए क्या है इसका महत्व
 
विज्ञापन

गुरु पूर्णिमा - फोटो : Amar Ujala
गुरु पूर्णिमा 2024 के दिन पड़ने वाले दुर्लभ योग

सर्वार्थ सिद्धि योग
सर्वार्थ सिद्धि योग हिंदू कैलेंडर में शुभ योगों में से एक है। यह योग तब बनता है जब कोई विशेष दिन किसी विशेष नक्षत्र के साथ मिलता है। इस योग में किए गए सभी कार्य सफल होते हैं, इसलिए इसे शुभ कार्यों के लिए उत्तम माना जाता है। इस बार गुरु पूर्णिमा पर सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। यह योग 21 जुलाई को सुबह 05 बजकर 36 मिनट से शुरू होकर 22 जुलाई को मध्य रात्रि 12 बजकर 14 मिनट पर समाप्त होगा। इस योग में किए गए सभी कार्य सफल होते हैं।

प्रीति योग
प्रीति योग, जिसे "प्रेम योग" भी कहा जाता है, जो शुभता और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। प्रीति योग का प्रमुख ग्रह बुध होता है, यह योग उन 14 योगों में से एक है जिन्हें बहुत शुभ माना गया है। इस बार गुरु पूर्णिमा पर प्रीति योग बन रहा है। यह योग 21 जुलाई को रात 09 बजकर 11 मिनट से शुरू होकर 22 जुलाई को शाम 05 बजकर 58 मिनट पर समाप्त होगा। इस योग में किए गए सभी कार्य सफल होते हैं।

विष्कुंभ योग
इस बार गुरु पूर्णिमा पर विष्कुंभ योग बन रहा है। यह योग 21 जुलाई को मध्य रात्रि 12 बजकर 08 मिनट से शुरू होकर 21 जुलाई को रात 09 बजकर 11 मिनट पर समाप्त होगा।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। इस लेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें