ज्येष्ठ माह की शुक्ल पक्ष की दशमी को गंगा दशहरा का पर्व मनाया जाता है। इस दिन गंगा का धरती पर हस्त नक्षत्र में अवतरण हुआ था। पुराणों के अनुसार इस दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व होता है। साथ ही इस दिन गंगा की विशेष पूजा अर्चना और भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाता है। गंगा दशहरा पर दान और उपवास का बड़ा महत्व होता है। दस तरह के पापों को हरने के कारण इसे दशहरा कहते हैं। इन दस तरह के पापों में तीन कायिक, चार वाचिक और तीन मानसिक पाप होते हैं।