12 जून को गंगा दशहरा है। इस बार गंगा दशहरा 10 शुभ योग के साथ 75 साल के बाद दोबारा बन रहा है। गंगा दशहरा पर गंगा स्नान, दान और पितरों का तर्पण करना शुभ माना गया है। पुराणों के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल दशमी, बुधवार के दिन, हस्त नक्षत्र में गंगा स्वर्ग से धरती पर आई थी।
गंगा दशहरा पर 10 शुभ संयोग
ज्योतिषाचार्यो के अनुसार इस बार गंगा दशहरा पर दस शुभ योग एक साथ बन रहा है। ये दस शुभ योग इस तरह है- ज्येष्ठ योग, दशमी तिथि, बुधवार, हस्त नक्षत्र, व्यतिपात योग, गर करण योग, आनंद योग, कन्या राशि का चंद्रमा, शुक्ल पक्ष योग और वृष राशि का सूर्य।
गंगा दशहरा स्नान से दस पापों से मिलती है मुक्ति
शास्त्रों के अनुसार गंगा अवतरण के इस पावन दिन गंगा जी में स्नान एवं पूजन-उपवास करने वाला व्यक्ति दस प्रकार के पापों से छूट जाता है। इनमें से तीन प्रकार के दैहिक, चार वाणी के द्वारा किए हुए एवं तीन मानसिक पाप, ये सभी गंगा दशहरा के दिन पतितपावनी गंगा स्नान से धुल जाते हैं।गंगा में स्नान करते समय स्वयं श्री नारायण द्वारा बताए गए मन्त्र-''ॐ नमो गंगायै विश्वरूपिण्यै नारायण्यै नमो नमः'' का स्मरण करने से व्यक्ति को परम पुण्य की प्राप्ति होती है।