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विनायकी चतुर्थी पर ऐसे करें भगवान गणेश की आराधना, मिलता है शुभ फल

Mon, 27 Apr 2020 05:24 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
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विनायक चतुर्थी
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प्रत्येक माह में दो चतुर्थी तिथि आती है। चतुर्थी तिथि के स्वामी भगवान गणेश हैं। सोमवार, 27 अप्रैल को वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है। शुक्ल पक्ष की इस चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं। चतुर्थी का व्रत भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। विनायक चतुर्थी के दिन सोमवार है ऐसे में इस दिन भगवान शिव के साथ गणेश जी का पूजन शुभ फलदायी रहने वाला है।
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गणेश मंत्र और पूजा विधि
सभी तरह के शुभ कार्य और पूजा में सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा और स्तुति की जाती है। विनायकी चतुर्थी पर सबसे पहले स्नान करके गणेश प्रतिमा को स्थापित करें। उसके बाद उन्हें सिंदूर, दूर्वा, फूल, चावल, फल, जनेऊ, नैवेद्य अर्पित करें। इसके बाद गणेश जी की आरती उतारें।

श्री गणेशाय नम:, ऊँ गं गणपतयै नम:, वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ, निर्विघ्नं कुरमेदेव सर्वकार्येषु सर्वदा

विनायकी चतुर्थी के दिन भगवान शिव की आराधना करने से भी सभी तरह की परेशानियां दूर हो जाती हैं। इस दिन  शिवलिंग पर तांबे के लोटे से जल चढ़ाएं। बिल्व पत्र अर्पित करें।
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गणेश चतुर्थी व्रत के फल

- भगवान गणेश की पूजा करने से हर मनोकामना पूरी होती है।

- भगवान गणेश को दूर्वा घास बहुत पसंद होती है इसलिए विनायकी चतुर्थी के दिन अपनी सभी परेशानियों को दूर करने के लिए दूर्वा जरूर चढ़ाएं।

- विनायकी चतुर्थी के दिन साबूत हल्दी की गांठ चढ़ाएं। इससे परेशानियों से मुक्ति मिलती है।

- भगवान गणेश को प्रसाद के रूप में मोतीचूर का लड्डू चढ़ाना चाहिए इससे घर में हमेशा सुख समृद्धि और शांति बनी रहती है।

- विनायकी चतुर्थी पर विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा करें और उनके सामने घी का दीपक जरूर जलाएं। ऐसा करने से हर मनोकामना पूरी होती है।
 
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