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Ganesh Chaturthi 2024: जय गणेश, जय गणेश देवा... यहां पढ़ें भगवान गणेश की संपूर्ण आरती

Sat, 07 Sep 2024 06:43 AM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Ganesh Chaturthi 2024 Arti: गणेश जी को प्रथम पूजनीय देवता माना जाता है। किसी भी शुभ मांगलिक कार्य करने से पहले श्री गणेश पूजन किया जाता है। मान्यता है कि गौरी पुत्र गणेश की पूजा अर्चना करने से सभी विघ्न-बाधाएं दूर होती हैं। हालांकि उनकी विशेष कृपा प्राप्ति के लिए भाद्रपद माह को श्रेष्ठ माना गया है।
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Ganesh Chaturthi 2024 Arti - फोटो : अमर उजाला
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Ganesh Chaturthi 2024 Arti: गणेश जी को प्रथम पूजनीय देवता माना जाता है। किसी भी शुभ मांगलिक कार्य करने से पहले श्री गणेश पूजन किया जाता है। मान्यता है कि गौरी पुत्र गणेश की पूजा अर्चना करने से सभी विघ्न-बाधाएं दूर होती हैं। हालांकि उनकी विशेष कृपा प्राप्ति के लिए भाद्रपद माह को श्रेष्ठ माना गया है। हिंदू धर्म में इस माह को भगवान गणेश के जन्म से जोड़ा जाता है। मान्यता है कि भाद्रपद महीने की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश जी का जन्म हुआ था। हर साल इस तिथि को गणेश जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है।

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इस साल गणेश उत्सव 7 सितंबर 2024 को मनाया जा रहा है। इस दिन घरों में गणपति जी की मूर्ति को स्थापित किया जाता है। पंचांग के अनुसार इस दिन मूर्ति स्थापना के लिए शुभ समय सुबह 11 बजकर 2 मिनट से शुरू हो रहा है, जो दोपहर 1 बजकर 33 मिनट तक रहेगा। ऐसे में आप रिद्धि सिद्धि के दाता को घर ला सकते हैं। इस दौरान पूजा में उनकी आरती करने से मनचाहे परिणामों की प्राप्ति होती हैं। साथ ही परिवार में सुख-समृद्धि का वास बना रहता है। ऐसे में आइए गणेश जी की आरती के बारे में जानते हैं।

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गणेश जी की आरती 
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी।
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा।
लड्डुअन का भोग लगे संत करें सेवा॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया।
बांझन को पुत्र देत निर्धन को माया॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।
कामना को पूर्ण करो जाऊं बलिहारी॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
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