Ganesh Ji Ki Aarti: गणेश चतुर्थी पर करें गणपति बप्पा की ये आरती
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Ganesh Arti In Hindi: भगवान श्री गणेश को प्रथम पूज्य देव माना जाता है। कहा जाता है कि गणेश जी जीवन की सभी विघ्न बाधाओं को दूर करके मंगल करने वाले देवता हैं। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले श्री गणेश का आह्वान जरूर किया जाता है। कहा जाता है कि यदि किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले भगवान गणेश की पूजा की जाए तो वह कार्य बिना किसी विध्न बाधा के संपन्न होता है। इस साल 19 सितंबर को गणेश चतुर्थी है। गणपति बप्पा की पूजा के लिए यह दिन बहुत शुभ माना जाता है। इसी दिन से 10 दिनों तक चलने वाले गणेश उत्सव की शुरुआत होती है। ऐसे में गणेश चतुर्थी के दिन पूजा-पाठ के अलावा गणपति जी की आरती पढ़ने से सौभाग्य में वृद्धि होती है। यहां भगवान श्री गणेश की आरती लिरिक्स दी जा रही है, जिसके जरिए आप पूजा के दौरान इसे पढ़ सकते हैं...
गणेश जी की आरती
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी।
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा।
लड्डुअन का भोग लगे संत करें सेवा॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया।
बांझन को पुत्र देत निर्धन को माया॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।
कामना को पूर्ण करो जाऊं बलिहारी॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥