गणपति बप्पा का स्थापना मंत्र
चतुर्थी के दिन बप्पा को स्थापित करते समय इस मंत्र का जाप करें।
अस्य प्राण प्रतिषठन्तु अस्य प्राणा: क्षरंतु च।
श्री गणपते त्वम सुप्रतिष्ठ वरदे भवेताम।।
जब आप अपने घर में गणपति को स्थापित करने के बाद प्रतिदिन पूजा करें, तो अंत में आरती के बाद गणपति जी के समक्ष हाथ जोड़कर परिक्रमा करते हुए, इस मंत्र का जाप करें एवं गणपति बप्पा का क्षमा-प्रार्थना मंत्र बोले एवं क्षमा मांगे। इससे पूजा में हुई भूल-चूक से क्षमा मिलती है और पूजा पूर्ण होती है।
गणेशपूजने कर्म यत् न्यूनमधिकम कृतम।
तेन सर्वेण सर्वात्मा प्रसन्न अस्तु गणपति सदा मम।।
इस तरह आप अपने घर पर पूरे गणेश उत्सव के दिनों में विधि विधान से बप्पा की स्थापना करने के साथ उनकी पूजा अर्चना करें, अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश जी को धूमधाम के साथ विदा करें, बप्पा आपकी हर विघ्न बाधा को दूर करके मनोकामना पूर्ण करेगें।