ganesh chaturthi 2020 (प्रतीकात्मक तस्वीर)
जब परिक्रमा पूर्ण करने के बाद कार्तिकेय वापस आए तो उन्होंने सोचा कि अवश्य ही वे विजेता हैं। तब गणेश जी को वहां पर खड़े हुए देखकर उन्होंने प्रश्न किया कि तुम परिक्रमा करने क्यों नहीं गए, गणेश जी ने उत्तर दिया कि वे तो परिक्रमा कर चुके हैं क्योंकि माता संपूर्ण पृथ्वी और पिता का स्थान आकाश के बराबर होता है। उनके इस उत्तर को सुनकर शिव जी अत्यंत प्रसन्न हुए, और गणेश जी को विजेता घोषित किया गया, साथ ही देवताओं की समस्या को हल करने की भी आज्ञा दी। तभी से हर कार्य में गणेश जी को प्रथम पूजनीय माना जाने लगा। शिव जी ने आशीर्वाद दिया कि जो भी किसी कार्य में गणेश जी पूजा करेगा उसके कार्य में किसी तरह की कोई बाधा नहीं आएगी। इस तरह से अपनी बुद्धिमानी के बल पर ही गणेश जी प्रथम पूजनीय बने।