आज पूरे देश में ईद-उल-फितर का त्यौहार बड़े ही जोश और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। रमजान के महीने के आखिरी दिन जब चांद का दीदार होता है तो उसके अगले दिन ईद मनाई जाती हैं। लोग इस मौके पर एक दूसरे को ईद की बधाईंया देने के साथ ही अल्लाह का शुक्रिया भी अदा करते हैं।
इस्लाम धर्म में ईद सबसे बड़ा त्यौहार होता है। दुनिया भर के मुसलमानों के लिए ये एक खास त्यौहार होता है, जिसका इंतजार उन्हें रहता है। रमजान के महीने का आखिरी रोजा यानि 30वें रोजे के बाद चांद देखकर ईद मनाई जाती हैं, जो हिजरी कैलेंडर के 10वें महीने की पहली तारीख है। ऐसा माना जाता है कि कुरान का अवतरण रमजान के महीने में ही हुआ था। इसी वजह से इस माह में ज्यादा कुरान पढ़ने का फर्ज है।