दशहरा 2020: अधर्म पर धर्म की जीत का पर्व
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इस दिन का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है वो संदेश जो भगवान ने हमें दिया है, बुराई पर अच्छाई की जीत का। ध्यान रहे, कोई कितने ही प्रयत्न क्यों ना कर ले, आपको नीचा दिखाने या हराने की मंशा के साथ, पर यदि आप की बात सही है और सत्य है तो उसकी जीत आज नहीं तो थोड़े समय में निश्चित ही है।
बुराई बलवान दिख सकती है, हम उससे डर भी सकते हैं, पर वास्तव में वो बुराई ही है और यही उसकी सबसे बड़ी कमी है जिसको हराया जा सकता है और हराना भी चाहिए।
हम रावण को सिर्फ़ एक व्यक्ति के रूप में मानकर बस जलाने जितना इस पर्व को मनाते हैं, जबकि देखा जाए तो हमें रावण दहन को हर उस बुराई के रूप में मनाना चाहिए, जो हमें हमारे अंदर नजर आती हो या फिर समाज में नजर आती हो।
उसको पहचानें, अत: सिर्फ़ रावण को बुरा मानकर जलाने से ज़्यादा अच्छा है अपनी रावण रूपी बुराई को उस रावण दहन में डालकर उस पर जीत पाएं और इस दशहरे के उत्सव को पूरे उत्साह से मनाएं।