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Diwali 2020: दिवाली पर व्यापारी इस विधि से करें बहीखाते की पूजा

Thu, 12 Nov 2020 04:47 PM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
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दीपावली 2020 - फोटो : Social media
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दिवाली कार्तिक अमावस्या तिथि पर मनायी जाती है। इस साल 14 नवंबर को दिवाली मनायी जाएगी। दिवाली पर धन की देवी मां लक्ष्मी  दिवाली वाले दिन व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों के बही खाते, तराजू व बांट की पूजा करते हैं। इस दिन गणेश-लक्ष्मी की पूजा के साथ धन के देवता कुबेर व अपने बहीखातों की पूजा करना शुभ होता है। दिवाली के दिन से व्यापारियों का नया साल शुरू होता है। इसीलिए बहीखाता पूजन का बड़ा महत्व होता है। दिवाली वाले दिन दीप जलाना भी शुभ होता है। बहीखातों की पूजा करने से माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और उस घर में कभी दरिद्रता नहीं आती है।

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दिवाली 2020 लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त्त, 14 नवंबर :  शाम 5 बजकर 30 मिनट से 7 बजकर 25 मिनट तक 
अवधि : 1 घंटे 55 मिनट
प्रदोष काल : शाम 5 बजकर 27 मिनट से 8 बजकर 06 मिनट तक
वृषभ काल :  14 नवंबर शाम 5 बजकर 30 मिनट से 7 बजकर 25 मिनट तक

लक्ष्मी पूजन 2020: चौघड़िया मुहूर्त
दोपहर का समय: 2 बजकर 18 से शाम 4 बजकर 7 मिनट तक
शाम: शाम को 5 बजकर 30 मिनट से शाम 7 बजकर 8 मिनट तक
रात्रि: रात 8 बजक 50 मिनट से देर रात 1 बजकर 45 मिनट तक

दिवाली महानिशीथ काल मुहूर्त
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त्त 23:39 मिनट से 24:32 मिनट तक

बही खाता पूजन की विधि
बही खातों की पूजा करने के लिए शुभ मुहूर्त में पूजा करनी चाहिए। नवीन खाता पुस्तकों में लाल चंदन या कुमकुम से स्वास्तिक का चिह्न बनाना चाहिए। इसके बाद स्वास्तिक के ऊपर श्री गणेशाय नमः लिखना चाहिए। इसके साथ ही एक नई थैली लेकर उसमें हल्दी की पांच गांठे, कमलगट्ठा, अक्षत, दुर्गा, धनिया व दक्षिणा रखकर, थैली में भी स्वास्तिक का चिन्ह लगाकर सरस्वती मां का स्मरण करना चाहिए।

देवी लक्ष्मी की पूजन विधि
जहां पर नवग्रह यंत्र हो वहां पर रुपये, सोने या चांदी का सिक्का रखें। मिट्टी की बनी हुई गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति रखें। अगर कोई धातु की मूर्ति हो तो उसे भगवान का साक्षात् रूप मानकर दूध, दही, और गंगाजल से स्नान कराकर चंदन का श्रंगार करके फूलों से सजाना चाहिए। मूर्ति के दाहिने ओर घी या तेल का पंचमुखी दीपक जलाना चाहिए।

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