25 अक्टूबर 2019 को धनतेरस और 27 अक्टूबर 2019 को महालक्ष्मी पर्व यानि दिवाली मनाई जाएगी। धनतेरस पर धन के देवता कुबेर और धन्वंतरि भगवान की पूजा की जाती है। इस पर्व का विशेष महत्त्व है। धनतेरस के दिन पूजा और घर पर दीये जलाने से व्यक्ति को यश, धन और वैभव की प्राप्ति होती है। धनतेरस पर शाम को दीपक जलाए जाते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान धन्वंतरि का जन्म हुआ था। समुद्रमंथन के दौरान पैदा हुए भगवान धन्वंतरि के हाथ में अमृत कलश था इसलिए धनतेरस पर बर्तन की खरीदारी करने की परंपरा है और ऐसा कहा जाता है इस जो भी व्यक्ति इस दिन घर पर नई चीजें लाता है उसमें 13 गुना की वृद्धि होती है। धनतेरस के दिन शुभ मुहूर्त में नई वस्तुएं खरीदनी चाहिए। इस दिन बर्तन, सोने, चांदी की वस्तुएं सबसे ज्यादा खरीदी जाती हैं।
धनतेरस क्यों मनाया जाता है
धनतेरस से दीपावली का शुभारंभ हो जाता है। मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के समय कार्तिक महीने में कई चीजें उत्पन्न हुई थी जिसमें शरद पूर्णिमा को चंद्रमा, द्वादशी तिथि को कामधेनु गाय, त्रयोदशी तिथि को भगवान धन्वतंरि, चतुर्दशी को मां काली और अमावस्या को लक्ष्मी माताउत्पन्न हुई थीं। त्रयोदशी तिथि पर धन्वतंरि के अमृत कलश के साथ प्रकट होने पर धनतेरस मनाया जाता है।
धनतेरस पर होती है इनकी पूजा
धनतेरस पर भगवान धन्वतंरि , माता लक्ष्मी और कुबेर की पूजा की जाती है। धनतेरस के दिन सोना-चांदी खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। धनतेरस पर भगवान धन्वतंरि की पूजा करने से कई तरह रोगों से भी छुटकारा भी मिलता है क्योंकि भगवान धन्वतंरि आयुर्वेद के जनक माने जाते हैं। आरोग्यता के लिए घर के मुख्य दरवाजे पर यमदेव का स्मरण करके दक्षिण मुख अन्न आदि रखकर उस पर दीपक स्थापित करना चाहिए। धन्वंतरी ने ही जनकल्याण के लिए अमृतमय औषधियों की खोज की थी। इन्हीं के वंश में शल्य चिकित्सा के जनक दिवोदास हुए महर्षि विश्वामित्र के पुत्र सुश्रुत उनके शिष्य हुए जिन्होंने आयुर्वेद का महानतम ग्रन्थ सुश्रुत संहिता की रचना की।
धनतेरस शुभ संयोग
25 अक्टूबर 2019, दिन शुक्रवार, नक्षत्र पू. फाल्गुनी 11: 00 बजे तक ततोपरांत नक्षत्र उ. फाल्गुनी आरम्भ, उत्सव रहेगा धनतेरस के लिए दिन शुक्रवार होने की वजह से और नक्षत्र स्वामी सूर्य का प्रभाव अत्यंत शुभकारी रहेगा। और यह एक सुखद संयोग भी बन रहा है ज्योतिष अनुसार गोचर में भी चंद्र सिंह राशि में रहेंगे जिसकी वजह से त्यौहार में सुखद वातावरण रहेगा। सूर्य और शुक्र की युति गोचर में तुला राशि में एक साथ होने से अत्यंत कल्याणकारी संयोग बन रहा है।
धनतेरस पर खरीदें ये वस्तुएं
इस दिन सोना, चांदी, आभूषण या कोई भी धातु खरीदना शुभकारी रहेगा। विशेष रूप से चांदी की धातु खरीदना लाभकारी रहेगा और घर की महिला अपने हाथो से खरीदारी करे तो अत्यंत सुखद रहेगा। चन्द्रमा का प्रभाव और सूर्य शुक्र का एक साथ तुला राशि में होना लक्ष्मीकारक माना गया है। ऐसी स्थिति में महिलाओ को जरूर खरीदारी करनी चाहिए। घर में चांदी के गणेश लक्ष्मी को स्थापित करना भी शुभकारी रहेगा।
धनतेरस पर खरीदारी का शुभ मुहूर्त
धनतेरस पर खरीदारी करने का शुभ मुहूर्त शाम 6 बजकर 43 मिनट से लेकर 7 बजकर 8 मिनट तक रहेगा।