धनतेरस (त्रयोदशी तिथि) को कई लोग धन संपत्ति से जोड़ते हैं, लेकिन वास्तव में यह पर्व स्वास्थ्य, उपचार और औषधि के देवता धन्वंतरि का स्मरण करने के लिए मनाया जाता है। एक कथा अनुसार, इस दिन सागर मंथन के दौरान धन्वंतरि अमृत घट लेकर प्रकट हुए थे। धन्वंतरि के स्वास्थ्य दर्शन के मुताबिक, मानव देह की प्रत्येक कोशिका अपने आप में एक संसार है। काया एक ऐसा संगठन है, जो प्रकृति की शक्तियों के संतुलन में ढला रहता है। प्रकृति के साथ तालमेल के बिना हम कभी स्वस्थ नहीं रह सकते हैं। धन्वंतरि का आयुर्वेद वह विज्ञान है, जो जीवन के लिए हितकारी और अहितकारी, पथ्य और अपथ्य, जीवन जीने की शैली, रोगों से बचाव के तरीके और रोगों के उपचार के उपायों का ज्ञान कराता है। आप यह जानकर ताज्जुब किए बिना नहीं रह सकेंगे कि कैसे कोई आयु के आधार पर शरीर के एक-एक अवयव की स्वस्थ और अस्वस्थ माप बता सकता है। लेकिन, यह चमत्कार धन्वंतरि ऋषि ने कर दिखाया था।