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Dev Uthani Ekadashi 2024: आर्थिक तरक्की चाहते हैं, देवोत्थान एकादशी पर करें इन 3 मंत्रों का जाप

Fri, 08 Nov 2024 08:19 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Auspicious Time For Worship On Devuthani Ekadashi: कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 11 नवंबर को शाम 6 बजकर 46 मिनट से प्रारंभ हो रही है। एकादशी का समापन 12 नवंबर को शाम 4:04 बजे होगा। इसलिए देवउठनी एकादशी 12 नवंबर को है।
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वैदिक पंचांग के अनुसार, देवउठनी एकादशी का व्रत हर साल कार्तिक माह में आने वाली शुक्ल पक्ष की दशमी ति - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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Devuthani Ekadashi 2024: हिंदू कैलेंडर के अनुसार, पूरे वर्ष में 24 एकादशियां मनाई जाती हैं। एकादशी का दिन भगवान विष्णु को समर्पित है। हिंदू धर्म में एकादशी को बहुत महत्व दिया जाता है। एकादशी का व्रत करने से भगवान विष्णु मनोवांछित फल प्रदान करते हैं। पंचांग के अनुसार हर महीने कृष्ण और शुक्ल पक्ष में एकादशी आती है। धार्मिक मान्यता है कि भगवान विष्णु चार महीने की योग निद्रा के बाद कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को जागते हैं। इसलिए इस दिन देवउठनी एकादशी मनाई जाती है। इस दिन से शुभ और मांगलिक कार्य शुरू हो जाते हैं। 

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वैदिक पंचांग के अनुसार कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 11 नवंबर को शाम 6 बजकर 46 मिनट से प्रारंभ हो रही है। एकादशी का समापन 12 नवंबर को शाम 4:04 बजे होगा। इसलिए देवउठनी एकादशी 12 नवंबर को है। अगले दिन तुलसी विवाह उत्सव भी होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार देवउठनी एकादशी के दिन किया गया प्रत्येक उपाय 1000 अश्वमेघ यज्ञ के बराबर फल देता है।

करें इन 3 मंत्रों का जाप
देवउठनी एकादशी के दिन सूर्योदय के समय स्नान करके भगवान विष्णु के वैदिक मंत्रों जैसे "ऊँ विष्णुवे नम:, ऊँ अं वासुदेवाय नम:, ऊँ नारायणाय नम:, ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय" आदि का जाप करें। 
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इन मंत्रों के जाप से भगवान विष्णु मनोवांछित फल प्रदान करते हैं। मां लक्ष्मी भी धन की वर्षा करती हैं। देवउठनी एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप विशेष फलदायी होता है।

शुभ मुहूर्त 
वैदिक पंचांग के अनुसार कार्तिक माह में शुक्ल पक्ष की एकादशी 12 नवंबर को है। एकादशी तिथि 11 नवंबर को शाम 6:46 बजे शुरू होगी और 12 नवंबर को शाम 4:04 बजे समाप्त होगी। सनातन धर्म में तिथियों की गणना सूर्योदय से की जाती है। इसलिए देवउठनी एकादशी 12 नवंबर को मनाई जाएगी। 12 नवंबर को एकादशी का व्रत कर भगवान लक्ष्मी नारायण की पूजा कर सकते हैं। साथ ही 13 नवंबर को सुबह 6 बजकर 42 मिनट से 8 बजकर 51 मिनट तक एकादशी व्रत का पारण करेंगे।

शुभ योग
हर्षण योग: कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को हर्षण योग का निर्माण हो रहा है। इस योग का समापन संध्याकाल 07 बजकर 10 मिनट पर होगा।

शिववास योग
कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को संध्याकाल में शिववास योग का निर्माण हो रहा है। इस योग का संयोग संध्याकाल 04 बजकर 05 मिनट से बन रहा है।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 

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