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Diwali 2024: दीपावली पर महालक्ष्मी पूजा में ज़रूर करें ये काम,नहीं होगी पूरे साल पैसों की तंगी

Sun, 27 Oct 2024 03:12 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Deepawali 2024: वैदिक पंचांग के अनुसार इस साल अमावस्या तिथि 31 अक्तूबर को दोपहर 3 बजकर 12 मिनट पर शुरू हो जाएगी, जो 01 नवंबर की शाम तक रहेगी। ऐसे में लक्ष्मी पूजा के दौरान अगर कुछ बातों का ध्यान रखा जाए, तो लक्ष्मी माता बहुत प्रसन्न होती हैं
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लक्ष्मी पूजा के दौरान अगर कुछ बातों का ध्यान रखा जाए, तो लक्ष्मी माता बहुत प्रसन्न होती हैं। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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Maa Lakshmi Ki Kripa Pane Ke Upay: वैदिक पंचांग के अनुसार इस साल अमावस्या तिथि 31 अक्तूबर को दोपहर 3 बजकर 12 मिनट पर शुरू हो जाएगी, जो 01 नवंबर की शाम तक रहेगी। इस तरह से दिवाली पर सभी तरह की वैदिक स्थितियां 31 अक्तूबर के दिन लागू रहेगी जबकि 01 नवंबर 2024 को अमावस्या तिथि सूर्योदय के दौरान रहेगी लेकिन समाप्ति शाम को 06 बजकर 16 मिनट पर हो जाएगी। दीपावली के दिन लक्ष्मी पूजा का विशेष महत्व होता है। ऐसे में लक्ष्मी पूजा के दौरान अगर कुछ बातों का ध्यान रखा जाए, तो लक्ष्मी माता बहुत प्रसन्न होती हैं और घर में माता का आगमन होता है। धन वर्षा के योग बनते हैं। 
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लक्ष्मी पूजा का महत्व 
दिवाली पर लक्ष्मी पूजा का बहुत महत्व है।  देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए लोग तरह-तरह की पूजा-अर्चना करते हैं। ऐसे में अगर दिवाली के दिन कुछ बातों का विशेष ध्यान रखा जाए और कुछ उपाय किए जाएं तो मां लक्ष्मी बहुत प्रसन्न होती हैं। इस घर में उनके आने से साल भर आर्थिक लाभ होने की संभावना रहती है। ऐसे व्यक्ति के घर में उन्नति होती है। खुशनुमा माहौल बना रहता है।   

दिवाली के दिन जरूर करें यह काम  
  • अपने मुख्य द्वार के बाहर तिल के तेल का दीपक जलाएं।
  • मां लक्ष्मी को लाल कमल का फूल चढ़ाएं और उनकी पूजा करें। 
  • श्री सूक्त  एवं कनकधारा स्तोत्र का पाठ अवश्य करें। इससे देवी लक्ष्मी की विशेष कृपा होती है।
  • माता लक्ष्मी की पूजा करते समय माता रानी को नारियल, खीर और सिंघाड़े का भोग लगाएं।
  • दिवाली की रात 5 सुपारी, 5 हल्दी की गांठें, 5 गोमती चक्र और 5 कौड़ियां बनाकर लाल कपड़े में बांध लें और पूजा के बाद मां लक्ष्मी और भगवान गणेश के पूजा स्थल पर रख दें और फिर अपने भंडार गृह में रख लें। इससे तरक्की  होती है साथ ही मां लक्ष्मी की कृपा मिलेगी। 
  • दीपावली के दिन गोधूलि बेला के पहले बेसन के लड्डू का चूर्ण काली चीटियों को जरूर खिलाएं, इससे माता बहुत जल्दी प्रसन्न होती हैं। 
  • इस बात का विशेष ध्यान रखें कि दिवाली की पूजा करते समय घर के सभी सदस्य एक साथ मिलकर मां लक्ष्मी की आरती गाएं।
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लक्ष्मी पूजा मुहूर्त 2024- 31 अक्तूबर 
पंचांग के अनुसार हर वर्ष कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की प्रदोष व्यापिनी अमावस्या तिथि पर दीपावली का त्योहार मनाया जाता है। 31 अक्तूबर को लक्ष्मी-गणेश पूजन के लिए पहला शुभ मुहूर्त प्रदोष काल में ही प्राप्त हो रहा है। 

31 अक्तूबर को प्रदोष काल शाम 05 बजकर 36 मिनट लेकर 08 बजकर 11 मिनट तक रहेगा। वहीं वृषभ लग्न (दिल्ली के समयानुसार) शाम 06 बजकर 25 मिनट से लेकर रात को 08 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। ऐसे में गृहस्थ लोग इस समय के दौरान लक्ष्मी पूजन करें।

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त ( निशीथकाल) 2024- 31 अक्तूबर 
तंत्र-मंत्र साधना और तांत्रिक क्रियाओं के लिए निशीथ काल में पूजा करना ज्यादा लाभकारी माना जाता है।  31 अक्तूबर को निशीथ काल में पूजा करने लिए शुभ मुहूर्त रात 11 बजकर 39 मिनट से लेकर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। 
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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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