दिसंबर माह के व्रत त्योहार
- 1 दिसंबर - मार्गशीर्ष अमावस्या
- 6 दिसंबर - विवाह पंचमी
- 7 दिसंबर - चम्पा षष्ठी
- 8 दिसंबर - भानु सप्तमी
- 11 दिसंबर -मोक्षदा एकादशी, गीता जयंती और गुरुवायुर
- 12 दिसंबर- मत्स्य द्वादशी
- 14 दिसंबर -दत्तात्रेय जयंती
- 15 दिसंबर -अन्नपूर्णा जयंती और त्रिपुर भैरवी जयंती, धनु संक्रांति, मार्गशीर्ष पूर्णिमा
- 25 दिसंबर- क्रिसमस डे
- 26 दिसंबर- सफला एकादशी
- 30 दिसंबर- सोमवती अमावस्या
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दिसंबर माह के ग्रह गोचर
- 02 दिसंबर -शुक्र का मकर राशि में गोचर
- 07 दिसंबर-मंगल कर्क राशि में वक्री
- 11 दिसंबर-बुध का वृश्चिक राशि में उदय
- 16 दिसंबर-बुध वृश्चिक राशि में मार्गी
1 दिसंबर - मार्गशीर्ष अमावस्या
हिंदू कैलेंडर के अनुसार, मार्गशीर्ष माह भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है। इस माह में आने वाली अमावस्या तिथि को मार्गशीर्ष अमावस्या के रूप में मनाया जाता है। यह तिथि धार्मिक अनुष्ठान, व्रत, और पितरों के तर्पण के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
6 दिसंबर - विवाह पंचमी
मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर भगवान राम और माता सीता का विवाह हुआ था। इसी उपलक्ष्य में हर साल इस तिथि पर विवाह पंचमी मनाई जाती है। इस दिन राम-सीता की जोड़ी की आराधना करने से वैवाहिक जीवन सुखमय रहता है।
11 दिसंबर - मोक्षदा एकादशी
मोक्षदा एकादशी के व्रत का शास्त्रों में बहुत अधिक महत्व है। इस एकादशी के दिन भगवान विष्णु के चतुर्भुज रूप पूजा की जाती है। ये व्रत पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए किया जाता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
30 दिसंबर- सोमवती अमावस्या
पौष माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि दिसंबर 30 को सुबह 04:01 बजे से प्रारंभ होगी। ये तिथि अगले दिन सुबह 03:56, दिसंबर 31 को समाप्त होगी। यानि इस साल का अंत अमावस्या तिथि के साथ होगा। सोमवार के दिन अमावस्या तिथि पड़ने के कारण इसे सोमवती अमावस्या कहा जाएगा।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।