छठ पूजा के लिए खीर बनाती महिलाएं
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क्या होता है खरना
खरना छठ पर्व के दूसरे दिन का अनुष्ठान है। खरना का आशय शुद्धिकरण से है। इस दिन व्रती शुद्ध तन-मन से अपने कुल देवी-देवता एवं छठी माई की पूजा करते हैं। खरना को लोहांडा भी कहा जाता है। खरना के दिन विशेष तरह का प्रसाद तैयार किया जाता है।
छठ पूजा 2020: छठ के दूसरे दिन प्रसाद ग्रहण करने के बाद 36 घंटों का निर्जला उपवास किया जाता है।
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36 घंटों का किया जाता है निर्जला उपवास
खरना के प्रसाद में गन्ने का जूस या गुड़ के चावल अथवा गुड़ की खीर तैयार की जाती है। यह प्रसाद छठी माई और कुल देवता को अर्पित किया जाता है। इसके बाद प्रसाद को सभी लोगों में बांटा जाता है। वहीं इस प्रसाद को खाने के बाद व्रती को लगभग 36 घंटों का निर्जला उपवास करना होता है।
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