सनातन धर्म में मंगलवार के दिन हनुमानजी की पूजा का खास महत्व होता है। ज्येष्ठ मास में पूजा का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, हनुमानजी भगवान श्रीराम से पहली बार ज्येष्ठ माह में मंगलवार को ही मिले थे, इसी कारण ज्येष्ठ माह के दौरान पड़ने वाले सभी मंगलवार को बड़ा मंगल के नाम से पुकारा जाता है। यह दिन हनुमानजी की प्रसन्नता के लिए बहुत शुभ माना गया है, इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
चमेली के तेल में चोला
मनोकामनाओं को सिद्ध करने के लिए बड़ा मंगल को बजरंगबली को सिंदूर में चमेली का तेल मिलाकर चोला चढ़ाएं, इससे उनकी कृपा मिलती है और रुके कार्य जल्द हो जाते हैं। बजरंगवली को चोला चढ़ाने से शनि की साढ़ेसाती और ढैया से मुक्ति मिलती है।जो भक्त हनुमानजी को विधि-विधान से चोला चढ़ाते हैं उसके जीवन में भूत-पिशाच,शनि व ग्रहबाधा,रोग-शोक,कोर्ट-कचहरी के विवाद,दुर्घटना या कर्ज,चिंता आदि परेशान नहीं करते।
पाठ करें
ज्योतिष और धार्मिक मान्यता के अनुसार बड़ा मंगल पर घर में सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ करें। मान्यता है कि इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है,जीवन के दुःख मिटते हैं। यदि आपको कभी आर्थिक संकट का सामना करना पड़े तो अपने मन में हनुमान जी का ध्यान करके हनुमान चालीसा का पाठ करना शुरू कर दीजिए।
मंत्र जप
ज्योतिष मान्यता के अनुसार जिन जातकों की कुंडली मे मंगल ग्रह कमजोर है या अशुभ परिणाम दे रहे हैं, उन्हें बड़ा मंगल के दिन हनुमानजी को लाल रंग का फूल अर्पित करना चाहिए एवं ”ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए। जिन लोगों के विवाह में बाधा आ रही है वे भी ये उपाय करें तो जल्द विवाह के योग बन सकते हैं।
तुलसी पत्र या तुलसी की माला
हनुमानजी को इस दिन तुलसी की माला अर्पित करने से व्यक्ति को धन लाभ प्राप्त होगा।इसी प्रकार पीपल के पत्ते पर चमेली के तेल और सिन्दूर से राम का नाम लिखें और इसे चढ़ाएं ,ऐसा करने से आपको सभी समस्याओं से मुक्ति मिलेगी। इसके अलावा पीपल के 11 पत्तों पर चन्दन या रोली से राम का नाम लिखकर उसकी माला बनाकर हनुमान जी को अर्पित करें हनुमानजी की कृपा आपके ऊपर बनी रहेगी।
प्रसाद बांटें
यदि आपके काम बिगड़ रहे है या फिर मेहनत करने के बाद भी आपको सफलता नहीं मिल रही है तो आप मंगलवार के दिन किसी हनुमान जी के मंदिर में जाकर गुड़ चने का प्रसाद चढ़ाये तथा उसे मंदिर में ही भक्तों को बांटे तथा शेष प्रसाद स्वयं व अपने परिवार को ग्रहण करायें। इस प्रकार आपको लगातार गुड़-चने का प्रसाद चढ़ाने से आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी होगी।