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Buddha Purnima 2020: बुद्ध पूर्णिमा पर बना शुभ योग, इस दिन जरूर करें ये पांच काम

Thu, 07 May 2020 12:39 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
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बुद्ध जयंती 2020 - फोटो : अमर उजाला
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7 मई को बुद्ध पूर्णिमा है। जिसे वैशाख पूर्णिमा भी कहा जाता है। भगवान बुद्ध को भगवान विष्णु का नौवां अवतार माना गया है। वैशाख माह की पूर्णिमा तिथि पर बौद्ध धर्म के संस्थापक भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। बोधगया में बोधि वृक्ष के नीचे बुद्धत्व की प्राप्ति हुई थी। पूर्णिमा तिथि पर पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्त्व माना गया है। परन्तु इस बार कोरोना संक्रमण के दौरान नदियों में स्नान करना संभव नहीं है। इस बार वैशाख पूर्णिमा पर कई शुभ और दुर्लभ योग बन रहें है। वैशाख पूर्णिमा पर 205 वर्षों के बाद शनि और राहु का दुर्लभ योग बन रहा है।

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- इस बार वैशाख पूर्णिमा के दिन गुरु और शनि की युति है इससे पहले 1961 में बुद्ध पूर्णिमा पर यह योग बना था।
- इस बार भी गुरु और शनि दोनों ही बुद्ध पूर्णिमा पर मार्गी है। 
- 205 साल पहले भी बुद्ध पूर्णिमा पर शनि मकर राशि में, राहु मिथुन में, केतु धनु में और मंगल कुंभ में था। इस बार भी ऐसा संयोग बना है।

वैशाख पूर्णिमा पर क्या करें-
- वैशाख पूर्णिमा और गुरुवार के योग में भगवान सत्यनारायण की कथा सुननी चाहिए।
- पूर्णिमा तिथि पर किसी पवित्र नदी में स्नान करने की परंपरा होती है। लेकिन इस बार लाकडाउन के चलते घर पर पानी में गंगा जल की कुछ बूंदे डालकर स्नान करें। 
- पूर्णिमा तिथि हनुमान चालीसा का पाठ करें।
- वैशाख पूर्णिमा पर स्नान के बाद गरीबों को दान करना चाहिए।
- वैशाख मास में अंतिम तीन दिन गीता का पाठ करता है,उसे प्रतिदिन अश्वमेघ यज्ञ का फल प्राप्त होता है।

गौतम बुद्ध के चार सूत्र 
गौतम बुद्ध ने चार सूत्र दिए उन्हें 'चार आर्य सत्य ' के नाम से जाना जाता है। पहला दुःख है दूसरा दुःख का कारण तीसरा दुःख का निदान और चौथा मार्ग वह है जिससे दुःख का निवारण होता है। भगवान बुद्ध का अष्टांगिक मार्ग वह माध्यम है जो दुःख के निदान का मार्ग बताता है।

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