Basant Panchami 2022: वसंत पंचमी के दिन मांगलिक कार्य जैसे विवाह, मुंडन संस्कार, कोई नई विद्या आरंभ करना शुभ काम करना अच्छा माना जाता है। जहां एक और वसंत पंचमी के दिन मांगलिक कार्यों को करने से शुभ फल प्राप्त होता है वहीं कुछ ऐसे कार्य है जिन्हें बसंत पंचमी के दिन भूलकर भी नहीं करना चाहिए।
Basant Panchami 2012: बसंत पंचमी के दिन मांगलिक कार्यों को करने से शुभ फल प्राप्त होता है वहीं कुछ ऐसे कार्य है जिन्हें बसंत पंचमी के दिन भूलकर भी नहीं करना चाहिए।
Basant Panchami 2022: माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को वसंत पंचमी का पर्व पूरे हर्षोल्लास से मनाया जाता है। इस तिथि पर देवी सरस्वती की विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि वसंत पंचमी तिथि पर मां सरस्वती की पूजा करने से वे जल्दी प्रसन्न होती है। इस बार वसंत पंचमी का पर्व 5 फरवरी, शनिवार के दिन मनाया जाएगा। मान्यता है वसंत पंचमी के दिन ही बुद्धि, ज्ञान और विवेक की जननी माता सरस्वती प्रगट हुई थीं, इस कारण से हर वर्ष उत्साह के साथ देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। वैसे तो कई मौकों पर मां सरस्वती की पूजा-आराधना की जाती हैं लेकिन बसंत पंचमी के दिन मां की पूजा विशेष फल देने वाली मानी गई है। वसंत पंचमी के दिन मांगलिक कार्य जैसे विवाह, मुंडन संस्कार, कोई नई विद्या आरंभ करना, कोई नया काम शुरू करना, अन्नप्राशन संस्कार, गृह प्रवेश या अन्य कोई शुभ काम करना अच्छा माना जाता है। जहां एक ओर वसंत पंचमी के दिन मांगलिक कार्यों को करने से शुभ फल प्राप्त होता है वहीं कुछ ऐसे कार्य है जिन्हें वसंत पंचमी के दिन भूलकर भी नहीं करना चाहिए। आइए जानते हैं क्या हैं वो कार्य-
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वसंत पंचमी के दिन भूलकर भी न करें ये कार्य
वसंत पंचमी के दिन भूलकर भी काले, लाल या अन्य रंग बिरंगे वस्त्र नहीं धारण करने चाहिए। दरअसल मान्यता है माता सरस्वती का जब अवतरण हुआ था तब ब्रह्मांड की आभा लाल,पीली और नीली थी लेकिन सबसे पहले पीली आभा के दर्शन हुए थे और माता सरस्वती को पीला रंग प्रिय है। इसलिए इस दिन पीले रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है।
वसंत पंचमी के दिन मांस-मंदिरा से दूरी बनाकर रखें। इस दिन सात्विक भोजन ग्रहण करें।
वसंत पंचमी के दिन देवी सरस्वती की आराधना की जाती है इसलिए इस दिन मन में कोई भी गलत विचार न लाएं और न ही किसी व्यक्ति को अपशब्द कहें।
वसंत पंचमी के दिन बिना स्नान किए किसी भी चीज का सेवन न करें। इस दिन स्नान करके मां सरस्वती की पूजा करें इसके बाद ही कुछ ग्रहण करें।
वसंत पंचमी के दिन पेड़-पौधों की कटाई-छटाई भी न करें, क्योंकि इस दिन से बसंत ऋतु का भी आगमन होता है। इसलिए उसका सम्मान करने के लिए वृक्षों को काटने से बचना चाहिए।