अप्रैल माह के नए हफ्ते की शुरुआत प्रदोष व्रत से हो रही है। सोमवार, 20 अप्रैल को सोम प्रदोष है। इसके अलावा वैशाख माह की अमावस्या, अक्षय तृतीया, परशुराम जयंती और रोहिणी व्रत रखा जाएगा। आइए जानते हैं सप्ताह के सभी व्रत-त्योहार के बारे में विस्तार से, क्या है सभी का महत्व.....
20 अप्रैल, सोमवार- प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत हर महीने की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर रखा जाता है। इस बार सोमवार के दिन पड़ने के कारण इसका महत्व काफी बढ़ गया है। प्रदोष का व्रत भगवान शिव की आराधना का पर्व होता है।
21 अप्रैल, मंगलवार- मासिक शिवरात्रि
सोम प्रदोष के बाद भगवान शिव को समर्पित मासिक शिवरात्रि भी मनाई जाएगी। हर माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर शिवरात्रि मनाई जाती है।
23 अप्रैल, गुरुवार- वैशाख अमावस्या
हिंदू धर्म में अमावस्या का विशेष महत्व होता है। अमावस्या पर पवित्र नदियों के किनारे स्नान, दान और पितरों को तर्पण दिया जाता है। अमावस्या के दिन आसमान में चांद नहीं दिखता।
26 अप्रैल, रविवार- अक्षय तृतीया
अक्षय तृतीया को बहुत ही शुभ तिथि माना गया है। इस तिथि पर बिना मुहूर्त निकाले सभी तरह के मांगलिक कार्य संपन्न किए जाते हैं। वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर अक्षय तृतीया मनाई जाती है।
26 अप्रैल, रविवार- परशुराम जयंती
वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर भगवान विष्णु के अवतार परशुराम का जन्म हुआ था।
26 अप्रैल, रविवार- रोहिणी व्रत
रोहिणी व्रत जैन समुदाय के लिए विशेष महत्व होता है।