हिंदू पंचांग के अनुसार हर महीने कृष्ण पक्ष को आने वाली चौथ को संकष्टी गणेश चतुर्थी कहा जाता है। यदि गणेश चतुर्थी का यह व्रत मंगलवार के दिन पड़ता है, तो इसे अंगारक गणेश चतुर्थी कहते हैं। मान्यता है कि गणेश जी ने अंगारक(मंगल देव) की कठिन तपस्या से खुश होकर उन्हें ये वरदान दिया था कि चतुर्थी तिथि अगर मंगलवार को पड़े तो उसे अंगारकी चतुर्थी के नाम से जाना जायेगा। इस एक खास दिन पर व्रत करने से पूरे साल भर के चतुर्थी व्रत का फल मिलता है। आइए जानते हैं कैसे अंगारक चतुर्थी के दिन कैसे करें भगवान गणेश को प्रसन्न...
-इस दिन व्रतधारी लाल रंग के वस्त्र धारण करें।
-पूजा करते समय अपना मुंह पूर्व अथवा उत्तर दिशा की ओर रखें।
-पांच दुर्वा गणेश जी को अर्पित करें।
-गणेश जी को लाल सिंदूर से तिलक करें।
-तिल से बनी चीजों से गणेश जी को भोग लगाएं।
-गणेश जी को लाल वस्त्र भेंट करें।
-पांच बेसन के लड्डू का भोग लगाएं।
-पान सुपारी अर्पित करें।
-व्रत रखने वाले लोग सायंकाल में संकष्टी गणेश चतुर्थी की कथा पढ़े या सुनें और दूसरो को भी सुनाएं।