वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अत्यंत शुभ माना गया है। इस तिथि पर की गई साधना-आराधना से साधक को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी तिथि पर सबसे अच्छा शुभ मुहूर्त बनता है। इस साल यह तिथि 07 मई 2019, मंगलवार को पड़ रही है। शास्त्रों के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन किया गया जप, तप और दान अक्षय फल प्रदान करने वाला होता है। जो साधक इस दिन विधि-विधान से पूजा, साधना कर मां लक्ष्मी को प्रसन्न कर देता है, उसके घर में हमेशा देवी लक्ष्मी वास बना रहता है।
अक्षय तृतीया के दिन मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने वाले उपायों को जानने के लिए आगे की स्लाइड क्लिक करें —
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Akshaya Tritiya 2019
1.
अक्षय तृतीया के दिन सोने के आभूषण या वस्तु खरीदने को शुभ माना गया है। मान्यता है कि इस दिन सोना खरीदने से समृद्धि आती है। अक्षय ततीया के दिन लक्ष्मी नारायण की पूजा सफेद कमल या सफेद गुलाब से करने पर विशेष लाभ मिलता है।
2.
अक्षय तृतीया के दिन 11 कौड़ियों को लाल कपड़े में बांधकर पूजा स्थल पर रखें। साथ ही माता लक्ष्मी का केसर और लाल पुष्प से पूजन करें। अक्षय तृतीया के इस सरल उपाय से आपको आर्थिक बाधाओं से मुक्ति मिलेगी और पूरे वर्ष धन का भंडार भरा रहेगा।
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तुलसी
3.
अक्षय तृतीया के दिन मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा के साथ तुलसी जी की पूजा करना न भूलें। इस दिन विष्णु प्रिया तुलसी जी की पूजा करने से सुख-समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। सिर्फ इसी दिन ही नहीं बल्कि प्रतिदिन तुलसी की धूप—दीप से पूजन करने पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद बना रहता है।
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Split Chickpeas (Chane ki Dal
4.
अक्षय तृतीया पर सिर्फ पूजन ही नहीं बल्कि दान का भी काफी महत्व है। इस दिन चने की दाल, ककड़ी, तरबूज और सत्तू-घी-शक्कर का विशेष रूप से दान किया जाता है। अक्षय तृतीया के दिन सत्तू का दान और सेवन दोनों ही शुभ माना जाता है।
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lakshmi pujan
5.
अक्षय तृतीया के दिन अपने घर और कारोबार में शुभता और और लाभ के लिए एक विशेष उपाय जरूर करें। इस दिन अपने घर या कार्यालय में धन के स्थान पर लाल कपड़े में लाल रोली, पूजा की सुपाड़ी एवं सिक्का बांधकर रख दें। साथ ही प्रतिदिन घर के मुख्य द्वार पर दाईं ओर एक घी का दीया जरूर जलाएं। इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होंगी और संपन्नता का आशीर्वाद देंगी।
6.
किसी पर्व या शुभ अवसर पर तमाम तरह के दान में कन्यादान का अत्यधिक महत्व माना गया है। यही कारण है कि अक्षय तृतीया के दिन होने वाले शुभ विवाह पर लोग विशेष रूप से कन्यादान करते हैं।