फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नवरात्र का तीसरा दिन, ऐसे करें ब्रह्मचारिणी देवी की पूजा, बढेगी उम्र

विज्ञापन
ब्रह्मचार‌िण्‍ाी देवी
विज्ञापन
ब्रह्मचारिणी देवी का स्वरूप अत्यंत ही भव्य है। यह देवी भक्तों को यह संदेश देती हैं कि जीवन में बिना तपस्या यानी कठोर परिश्रम के सफलता नहीं प्राप्त की जा सकती। मां मूलरूप से तपस्विनी हैं। भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए इन्होंने हजारों वर्ष तक घोर तपस्या की और जंगल के फलों-पत्तों को खाकर अपनी साधना पूर्ण की और शिव को प्राप्त किया। इसलिए इनका का स्वरूप बहुत ही सादा और भव्य है।
विज्ञापन
Trending Videos

देवी ब्रह्मचार‌िणी के हाथ में कमंडल और दूसरे हाथ में चंदन माला

दुर्गा पूजा
देवी ब्रह्मचार‌िणी अपने एक हाथ में कमंडल और दूसरे हाथ में चंदन माला लिए हुए प्रसन्न मुद्रा में भक्तों को आशीर्वाद दे रही हैं। ब्रह्मं चारयितुम शीलं यस्याः सा ब्रह्मचारिणी, अर्थात् जो ब्रह्मज्ञान दिलाकर मोक्ष मार्ग को प्रशस्त करे, वे ही मां ब्रह्मचारिणी हैं। साधक इस दिन अपने मन को मां के श्रीचरणों में एकाग्रचित करके स्वाधिष्ठान चक्र में स्थित करते हैं और मां की कृपा प्राप्त करते हैं। श्रद्धालु भक्त और साधक अनेक प्रकार से भगवती की अनुकम्पा प्राप्त करने के लिए व्रत-अनुष्ठान और साधना करते हैं।
विज्ञापन

ऐसे करें मां ब्रह्मचार‌िणी की पूजा

durga puja
इस देवी मां को सफेद वस्त्र पहनाकर फल, फूल एवं धूप, दीप, नैवेद्य अर्पित करें। विधिवत पूजा करने के बाद आरती करने का विधान है। या देवी सर्वभू‍तेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:। इस सरल मंत्र के द्वारा पूजा के लिए लाए गए पदार्थों को अर्पित करना चाहिए।
मां का ध्यान मंत्र इस प्रकार है- 'दधाना कपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू| देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा|| इन्हें शक्कर का भोग लगाएं। नवरात्र के द‌िन शक्कर दान भी पुण्यदायी होता है इससे आयु बढ़ती है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
MORE
AU ऐप में पढ़ें