इंदौर-उज्जैन के 33 कॉलेजों में तैयार साइबर वॉरियर्स
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उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महापर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए साइबर अपराधों को रोकने की कवायद शुरू कर दी गई है। राज्य साइबर सेल ने इसके लिए विभिन्न महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को प्रशिक्षित कर साइबर वॉरियर्स के रूप में तैयार किया है। अब तक इंदौर एवं उज्जैन के कुल 33 महाविद्यालयों से 1884 साइबर वॉरियर्स को नामांकित किया जा चुका है। इनमें इंदौर के 20 महाविद्यालयों के 1113 और उज्जैन के 13 महाविद्यालयों के 771 विद्यार्थी शामिल हैं।
सिंहस्थ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन के साथ ही ऑनलाइन होटल एवं धर्मशाला बुकिंग, टैक्सी बुकिंग, फर्जी वेबसाइट व लिंक, क्यूआर कोड स्कैनिंग, ऑनलाइन भुगतान और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली ठगी की आशंका बनी रहती है। ऐसे में ये साइबर वॉरियर्स आम लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
राज्य साइबर सेल द्वारा विभिन्न कॉलेजों के इच्छुक विद्यार्थियों की जानकारी जुटाकर उन्हें साइबर सुरक्षा से संबंधित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के सामान्य तरीकों, ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव, संदिग्ध लिंक और वेबसाइट की पहचान, सुरक्षित डिजिटल भुगतान तथा सोशल मीडिया सुरक्षा की बारीकियां सिखाई जा रही हैं। सिंहस्थ के दौरान इन प्रशिक्षित वॉरियर्स को आवश्यकतानुसार साइबर सहायता संबंधी गतिविधियों में तैनात किया जाएगा।
राज्य साइबर सेल इंदौर द्वारा सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए व्यापक स्तर पर साइबर वॉरियर्स तैयार किए जा रहे हैं। प्रथम चरण में 1884 साइबर वॉरियर्स का नामांकन पूर्ण हो चुका है, जबकि आगामी चरणों में अन्य महाविद्यालयों और विद्यार्थियों को इस अभियान से जोड़ने की प्रक्रिया जारी है। साइबर सेल का लक्ष्य कुल दो हजार से अधिक साइबर वॉरियर्स तैयार करने का है।