हमारी सरकार योग व आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अनेक कार्ययोजना बना रही है। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि देवभूमि की पावन धरा ने योग की अनंत परंपराओं, विधाओं और आध्यात्मिक ऊर्जा को जन्म दिया है। हर घाट, हर पर्वत और हर नदियों का जल यहां के योग और साधना के वातावरण को समृद्ध करता है। डाॅ. साध्वी भगवती सरस्वती जी ने सभी विशिष्ट अतिथियों और संपूर्ण योगी परिवार का परमार्थ परिवार की ओर से अभिनंदन किया।
योग मात्र एक शारीरिक क्रिया नहीं, बल्कि हमारी प्राचीन गौरवशाली विधा
सीएम धामी ने कहा कि योग मात्र एक शारीरिक क्रिया नहीं, बल्कि हमारी प्राचीन गौरवशाली विधा और एक ऐसा सार्वभौमिक विज्ञान है, जो मनुष्य के मन, शरीर और आत्मा के बीच उत्कृष्ट संतुलन स्थापित करता है। एक नेचुरल वैल्यू सिस्टम के रूप में यह हमारे जीवन में मानसिक शांति का संचार करता है और आधुनिक समय की चुनौतियों के बीच मन एवं शरीर को पूर्णतः तनाव मुक्त रखने का सशक्त माध्यम है। सीएम ने कहा कि योग के माध्यम से न केवल एकाग्रता बढ़ती है, बल्कि व्यक्ति के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। यह एक ऐसी शक्ति है जो जाति, भाषा, धर्म और भूगोल की तमाम सीमाओं को लांघकर संपूर्ण विश्व को एक सूत्र में पिरोती है।