अब प्रोजेक्ट और गतिविधियों से होगी पढ़ाई
नई व्यवस्था में पढ़ाई केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रहेगी। छात्रों को प्रोजेक्ट कार्य, गतिविधियों और वास्तविक जीवन से जुड़े अनुभवों के माध्यम से सीखने का अवसर मिलेगा।
परीक्षा प्रणाली में भी बदलाव किया गया है। अब केस स्टडी, विश्लेषणात्मक और अवधारणा आधारित प्रश्नों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही आंतरिक मूल्यांकन, प्रोजेक्ट कार्य और कक्षा गतिविधियों का महत्व पहले से अधिक बढ़ाया गया है। इसका उद्देश्य छात्रों में आलोचनात्मक सोच, रचनात्मकता और संवाद कौशल को विकसित करना है।