राजधानी शिमला के बहुचर्चित युग अपहरण काण्ड में दर्दनाक मोड़ सामने आया है। चार साल के मासूम युग का कंकाल देर रात भराड़ी के नजदीक नगर निगम के पानी के टैंक से बरामद किया गया है। सीआईडी ने इस मामले में तीन आरोपियों को विक्रांत बख्शी, चंद्र और तेजेंद्र को गिरफ्तार किया है।
इन्होंने फिरौती के लिए शहर के प्रतिष्ठित कारोबारी के इकलौते बेटे का अपहरण किया और फिर उसे मार डाला। सोमवार को मासूम युग का कंकाल बरामद होने के बाद शिमला के कारोबारियों में जबरदस्त गुस्सा है। वह इस मामले में लापरवाही के लिए शिमला पुलिस को जिम्मेदार मान रहे हैं।
चार साल के मासूम युग का अपहरण 14 जून 2014 को घर के करीब रामबाजार से हुआ था। इस अपहरण में पूरे शिमला को दहला दिया था। युग के पिता विनोद कुमार गुप्ता शहर के एक बड़े कारोबारी हैं।
करीब छह सौ संदिग्धों से पूछताछ फिर भी शिमला पुलिस रही खाली हाथ
युग का अपहरण उसके पिता से मोटी रकम में फिरौती के लिए किया गया था। शिमला पुलिस ने मामले की जांच में शुरू से ही लापरवाही बरती। इस मामले में करीब छह सौ संदिग्धों से पूछताछ की लेकिन युग का कोई सुराग हाथ नहीं लग पाया। उसके बाद कारोबारियों के दबाव में सरकार ने यह मामला सीआईडी के सुपुर्द कर दिया गया।
सूत्रों का कहना है कि युग के परिजनों ने पड़ोस के ही दो युवकों पर अपहरण करने का अंदेशा जताया था। इनमें से एक आरोपी न्यू शिमला थाने के तहत चोरी के मामले में भी संदिग्ध था। शक के आधार पर सीआईडी ने दोनों युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया और उनका नारको टेस्ट करने के लिए ले जाया गया। लेकिन नारको टेस्ट से ठीक पहले दोनों आरोपियों ने स्वास्थ्य ठीक न होने का बहाना करके टेस्ट नहीं करवाया।
सीआईडी ने इस तरह बिछाया मुखबिरों का जाल
इससे सीआईडी का इन युवकों पर शक और गहरा गया। इसके बाद सीआईडी ने अपने स्तर पर मुखबिरों का जाल बिछाया। इस मामले में विक्रांत बख्शी नाम के शख्स का नाम सामने आया है। उससे जब सीआईडी ने सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गया और उसने कबूल किया कि करोड़ों की फिरौती के चक्कर में उसने इन दो आरोपियों के साथ मिलकर युग के अपहरण की योजना बनाई।
मामला बढ़ गया तो टूटी किडनैपरों की आस
जब मामला काफी आगे बढ़ गया तो उन्हें फिरोती न मिलने की आस टूट गई। पुलिस के बढ़ते दबाव के आगे और पकड़े जाने के भय से उन्होंने युग की हत्या कर भराड़ी के नजदीक नगर निगम के पानी के टैंक में फेंक दिया। अब तीनों आरोपियों से सीआईडी पूछताछ कर रही है। सीआईडी इस मामले को मीडिया से पूरी तरह से छिपा रही है। सीआईडी का कहना है कि वह मूरे मामले का खुलासा मंगलवार को करेगी। 14 अप्रैल 2014 को रामबाजार के समीप व्यापारी के चार साल के बेटे को अपहरण किया गया। इसके बाद मामला पुलिस के पास पहुंचा। इसके बाद पुलिस ने अपने स्तर पर जांच की।
फिर की चार करोड़ रुपये की मांग
युग का 27 जून को जन्मदिन था। इस दौरान युग के घर पर एक बॉक्स आया। बॉक्स में युग के कपड़े थे जोकि उसने पहन रखे थे, इसके साथ ही एक पत्र भी था जिसमें कि 3 करोड़ 60 लाख रुपये की मांग की थी और अंबाला में नौकर के पास यह पैसे देने को कहा था। इसके एक हफ्ते बाद पत्र आया जिसमें कि चार करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की। इसके बाद पत्र का सिलसिला जारी रहा और दस करोड़ रुपये मांगे। लेकिन जब पैसे नही दिए तो तीन माह बाद एक और पत्र में चार करोड़ रुपये की डिमांड आरोपियों ने की।
रोते बिलखते हुए पिता ने ब्यां किया हाल
युग के पिता ने बताया कि पुलिस के बाद मामला सीआईडी के पास जाने के बाद इस तरह का कोई पत्र नहीं आया। विनोद कुमार गुप्ता ने ‘अमर उजाला’ को रोते बिलखते हुए बताया कि आरोपियों ने अपहरण के एक हफ्ते बाद ही उनके लाडले युग की हत्या कर दी थी। चंद्र और तेजेंद्र उसी के मौहल्ले के रहने वाले है, और विक्रम बख्शी को सीआईडी ने रविवार को चंडीगढ़ से पकड़ा था। इस खुलासे के बाद आरोपियों के खिलाफ शिमला के कारोबारियों में जबरदस्त आक्रोश है। और सूचना मिलने के बाद सातंवाना देने के लिए युग के घर में लोगों का सैलाब उमड़ गया है।
सीआईडी आज करेगी खुलासा
बहुचर्चित युग अपहरण मामले को लेकर सीआईडी मंगलवार को प्रेसवार्ता कर युग अपहरण के सारे राज मीडिया के सामने खोलेगी। तब से लेकर मौजूदा समय तक की स्थिति सीआईडी मीडिया से ब्यां करेगी।
दो साल दो महीने और आठ दिन बाद मिला कंकाल
युग का अपहरण 14 जून 2014 को हुआ था। आज 22 अगस्त 2016 है। इस हिसाब से इस मामले को सुलझने में पूरे 800 दिन यानी दो साल दो महीने और आठ दिन लग गए।
कागजों में हुई टैंक की सफाई: अनिरुद्ध सिंह
कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र के विधायक अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि युग का शव नगर निगम के पानी के टैंक में मिला है। ऐसे में नगर निगम के उस दावे की पोल खुल जाती है जिसमें वो कहते है कि पानी के टैंक की सफाई उन्होंने सुचारु रुप से की है, ऐसे लापरवाह नगर निगम के अधिकारियों के खिलाफ वह तुरंत एफआईआर दर्ज करने की मांग करते है और साथ ही मंगलवार को यह मुद्दा वह विधानसभा में भी उठाएंगे।
फोरेंसिक टीम ने लिए सैंपल
सीआईडी के सूत्रों के मुताबिक फोरेंसिक टीम मौके पर थी। कंकाल के सैंपल ले लिए गए है। जिन्हें जुंगा लैब भेजने की तैयारी की जा रही है। लैब में डीएनए मैपिंग करने के बाद ही असलियत सामने आ पाएगी।