शिमला। हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय शिमला में मानवाधिकार दिवस पर वीरवार को विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कोलंबो विश्वविद्यालय के सीनियर प्रोफेसर (डॉ.) जीवा निरीएला मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने वैश्विक संदर्भों के साथ मानवाधिकारों की बदलती चुनौतियों पर प्रकाश डाला। युवाओं से अपील की कि वह समाज में स्वतंत्रता और समानता की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों को केवल सिद्धांत नहीं, बल्कि रोजमर्रा के व्यवहार का हिस्सा बनना होगा। कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) प्रीति सक्सेना ने कहा कि मानवाधिकार सामाजिक समरसता की नीं व हैं और शैक्षणिक संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वह समाज को जागरूक और संवेदनशील नागरिक दें। उन्होंने विश्वविद्यालय में मानवाधिकार साक्षरता को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम का संचालन सीएचआरडीएस के निदेशक डॉ. सचिन शर्मा ने किया। संवाद