शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के छात्रावासों की मरम्मत को लेकर स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठन का कहना है कि जिन छात्रावासों की मरम्मत के नाम पर छात्रों से कमरे खाली करवाए गए वहां अब तक कोई काम शुरू नहीं हुआ है। एसएफआई की विश्वविद्यालय इकाई के उपाध्यक्ष आशीष चौहान ने श्रीखंड छात्रावास को लेकर कहा कि इस भवन को पिछले दो वर्षों से मरम्मत के लिए प्रस्तावित बताया जा रहा है लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि हर सत्र में छात्रों को यही आश्वासन दिया जाता है कि जल्द सुधार होगा लेकिन परिणाम शून्य है। विश्वविद्यालय ने छात्रावासों की मरम्मत के लिए करीब 28 करोड़ रुपये की योजना की बात कही थी लेकिन कई भवनों में अब तक कुछ नहीं हुआ है। कई छात्रों को मजबूरी में निजी होटलों या किराये के कमरों में रहना पड़ रहा है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्थिति स्पष्ट नहीं की तो छात्र आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। संवाद