शिमला। सत्र न्यायालय की अदालत ने चेक बाउंस के मामले में दोषी महिला की अपील खारिज कर दी है। निचली अदालत ने महिला को तीन महीने के साधारण कारावास और 2 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। इस सजा के खिलाफ आरोपी महिला ने सत्र न्यायालय की अदालत में अपील की थी। दोषी महिला ने माना कि चेक पर उसके ही हस्ताक्षर हैं। इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुए सत्र न्यायाधीश दविंदर कुमार की अदालत ने महिला की अपील को खारिज कर सजा बरकरार रखी। दोषी महिला और शिकायतकर्ता एक दूसरे को करीब दस साल से जानते हैं। महिला ने शिकायतकर्ता से 1,10,000 रुपये का ऋण लिया था। महिला ने कहा था कि वह इस राशि काे छह महीने में लाैटा देगी। इसके साथ महिला ने यह चेक शिकायतकर्ता को दिया था। शिकायतकर्ता ने जब यह चेक बैंक में दिया तो यह बाउंस हो गया। शिकायतकर्ता ने दोषी महिला काे लीगल नोटिस दिया जिसका जवाब उसे नहीं मिला। इसके बाद शिकायतकर्ता ने आरोपी महिला के खिलाफ कोर्ट में आपराधिक शिकायत दर्ज की। इस पर अदालत ने महिला को तीन महीने की सजा सुनाई थी। अब सत्र न्यायालय में दायर महिला की अपील भी खारिज हो गई है। संवाद