शिमला। विशेष न्यायाधीश-दो शिमला यजुवेंद्र सिंह की अदालत ने चरस बरामदगी के मामले में आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। अभियोजन पक्ष अदालत में आरोपी के खिलाफ लगाए आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा है। अभियोजन पक्ष के अनुसार 12 नवंबर 2024 को ठियोग के घूंड बाजार के पास गश्त के दौरान गुप्त सूचना पर ठियोग निवासी आरोपी अनु अक्षय से 1.074 किलोग्राम चरस बरामद की थी। पुलिस ने आरोपी को मौके पर गिरफ्तार किया था। सुनवाई के दौरान स्वतंत्र गवाह अभियोजन पक्ष के समर्थन में खड़े नहीं हुए और मुकर गए। मामले में पेश की गई डीवीडी और फोटोग्राफ से संबंधित अनिवार्य साक्ष्य कानूनी प्रावधानों के अनुरूप नहीं पाए गए जिससे वह अदालत में स्वीकार्य नहीं रहे। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि पुलिस गवाहों के बयानों में अंतर्विरोध और स्वतंत्र गवाहों के समर्थन न करने के कारण अभियोजन की कहानी टिक नहीं सकी जिसका पूरा लाभ आरोपी को मिला है। संवाद