शिमला। फास्ट ट्रैक विशेष अदालत (पॉक्सो/दुष्कर्म) शिमला के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विवेक शर्मा की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म और धमकी देने के आरोपी प्रताप राणा उर्फ रानो को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। अदालत ने यह फैसला पीड़िता और उसकी मां के अपने बयानों से मुकरने तथा मेडिकल और फॉरेंसिक साक्ष्यों के अभाव के चलते सुनाया। मामले के अनुसार 11 अप्रैल 2026 को पीड़िता की मां ने पुलिस थाना ठियोग में शिकायत दर्ज करवाई थी कि आरोपी उसकी 14 वर्षीय बेटी को पढ़ाने के बहाने अपने साथ ले गया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। सुनवाई के दौरान पीड़िता और उसकी मां अदालत में अपने बयानों से पलट गईं। इसके अलावा अदालत ने पाया कि मेडिकल रिपोर्ट और जुंगा फोरेंसिक लैब की जांच में भी आरोपी के खिलाफ यौन शोषण की पुष्टि नहीं हुई। संवाद