शिमला। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने वाहन दुर्घटना में घायल महिला को 1.90 लाख रुपये बतौर मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। एमएसीटी न्यायालय ने (मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्युनल) हिमाचल पथ परिवहन निगम के चालक धर्मेंद्र कुमार और परिचालक तारा चंद को संयुक्त रूप से याचिका दायर करने की तारीख से वसूली तक प्रति वर्ष 8 फीसदी के ब्याज के साथ पीड़ित को भुगतान करने का आदेश दिया। याचिकाकर्ता ने मोटर वाहन अधिनियम के तहत मुआवजा के लिए यह याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार किया है। यह घटना 21 फरवरी 2024 को छोटा शिमला में सचिवालय के पास हुई। हादसे में तहसील चौपाल सुनीता बस की टक्कर से चोटिल हुई थी। एचआरटीसी की एक बस झोखर (चौपाल) से शिमला आ रही थी। छोटा शिमला में बस के कंडक्टर ने यात्रियों से बस से उतरने को कहा और जब याचिकाकर्ता दरवाजे के पास पहुंची तो दरवाजा अचानक खुल गया और सुनीता सड़क पर गिरकर घायल हो गई थी। संवाद