168 क्रेडिट पर दी जाएगी यूजी ऑनर्स, व विद रिसर्च डिग्री
तीसरे सेमेस्टर में लिए गए मेजर व माइनर विषयों के आधार पर मिलेगी छात्रों को डिग्री
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में नए शैक्षणिक सत्र से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप चार वर्षीय स्नातक डिग्री कोर्स शुरू करने की चल रही तैयारी में विवि ने इस डिग्री के पाठ्यक्रम और क्रेडिट फ्रेमवर्क को एकेडमिक काउंसिल की स्टेडिंग कमेटी से मंजूरी दिलवाने के बाद अधिसूचित कर दिया है। इसे विवि की वेबसाइट पर भी अपलोड कर दिया गया है। इसके अनुसार 168 क्रेडिट की चार साल की ऑनर्स डिग्री और डिग्री विद रिसर्च वर्क प्रदान की जाएगी। जो छात्र रिसर्च के साथ डिग्री नहीं करेगा, उसे रिसर्च के बदले तीन अतिरिक्त परीक्षाएं पास करने पर ही ऑनर्स डिग्री मिलेगी। इस चार साल की डिग्री को पूरा करने पर छात्र सहायक आचार्य पद के लिए आवश्यक पात्रता की शर्त को पूरा कर लेगा। चार साल की इस डिग्री को सेमेस्टर सिस्टम के तहत ही संचालित किया जा सकेगा। इसमें कुल आठ सेमेस्टर रहेंगे। पहले तीसरे सेमेस्टर से छठे सेमेस्टर में लिए गए मेजर माइनर विषयों के आधार पर ही छात्र को डिग्री दी जाएगी। बीए, बीएससी और बी कॉम डिग्री मेजर विषय के आधार पर ही छात्र को दी जाएगी। छात्र को क्रेडिट्स उसकी कक्षाओं में उपस्थिति, टूटोरियल, प्रेक्टिकल के अंकों के आधार पर तय होंगे। पहले सेमेस्अर में छात्र को संकाय के तीन विषय चुनने होंगे। पहले तीन साल तक एग्रीगेट में 75 फीसदी अंक प्राप्त करने वाले छात्र ही चार साल की डिग्री के लिए पात्र होंगे। एनईपी-2020 के तहत शुरू किए जाने वाले चार साल के डिग्री कोर्स में एक साल पूरा करने 44 क्रेडिट लेने पर सर्टिफिकेट, दो साल और 86 क्रेडिट पर डिप्लोमा, तीन साल 128 क्रेडिट लेने पर डिग्री, जबकि चार साल और 168 क्रेडिट लेने पर डिग्री विथ आनर्स और सिरर्च मिलेगी। विवि के जारी इस पाठ्यक्रम और क्रेडिट फ्रेमवर्क में छात्र द्वारा लिए जाने वाले मेजर, माइनर विषयों, के अलावा कौशल विकास, इंटर्नशिप, एप्रेटिसशिप, वेल्यू एडिड कोर्स भी पढ़ाए जाएंगे। किस कॉलेज में कौनसे कोर्स पढ़ाए जा सकेंगे, उसके लिए आवश्यकत उपलब्ध सुविधाओं के अनुसार कॉलेज प्रवेश के समय बॉस्केट बनाएंगे। चार साल की डिग्री विद रिसर्च भी प्रदेश के कुछ ही सुविधासंपन्न कॉलेजों में उपलब्ध रहेगी। इस पाठ्यक्रम व क्रेडिट फ्रेमवर्क को विवि की कमेटी ने एनईपी-2020 को ध्यान में रखकर ही तैयार किया है। विवि के अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. बीके शिवराम ने कहा कि करिकुलम और क्रेडिट फ्रेमवर्क को मंजूरी दिलवाने के बाद अधिसूचित कर दिया गया है।
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