शिमला। सनातन धर्म सभा की ओर से गंज बाजार स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण के अंतिम दिन बुधवार को श्रद्धालुओं को उद्धव चरित्र सुनाया। भागवत आचार्य गिरिधर लाल शर्मा ने कहा कि ज्ञान जब तक प्रेम, करुणा, दया और सौहार्द में परिवर्तित न हो तब तक अहंकार के साथ रहता है और जब ज्ञान प्रेम में परिवर्तित हो जाए तब ज्ञान पूर्ण होता है। उन्होंने कथा में बताया कि किस प्रकार मैया बाबा और ब्रज की गोपियों से मिलकर उद्धव का ज्ञान तथा ज्ञान का घमंड चूर किया था। इसके अलावा उन्होंने ब्रज वासियों के चरणों की धूल को माथे से लगा लिया। अंत में कथावाचक ने भागवत का अंतिम श्लोक बोलकर सभी को भागवत की शरण में रहने का आग्रह किया। कथा समाप्त होने के बाद सभा के प्रचार मंत्री सुमन पाल दत्ता ने कथावाचक को टोपी पहनाकर और अपनी लिखी पुस्तक देकर सम्मानित किया। संवाद