स्टेट विजिलेंस ब्यूरो के पूर्व जांच अधिकारी को रिश्वत लेने का दोषी मानते हुए शिमला की विशेष अदालत ने दो साल कठोर कारावास और बीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
पूर्व इंस्पेक्टर माल दत्त पर एक मामले की जांच बंद करने के लिए 15 हजार रुपये घूस लेने का आरोप था। साल 2011 में विजिलेंस ब्यूरो के शिमला थाने में उस समय के नाहन के जांच अधिकारी रहे इंस्पेक्टर माल दत्त के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
आरोप था कि उसने एक आरोपी से विजिलेंस में दर्ज शिकायत बंद करने के लिए 15 हजार रुपये की घूस मांगी और बाद में अपने बैंक खाते की जानकारी आरोपी को देकर उससे यह रकम जमा भी कराई। जांच और अभियोजन मंजूरी मिलने के बाद विजिलेंस ने 20 मई 2015 को आरोपी इंस्पेक्टर के खिलाफ शिमला की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की।
लंबे समय तक चली सुनवाई के दौरान विजिलेंस की ओर से जिला न्यायवादी संदीप अत्री ने पक्ष रखा। विशेष जज सुशील कुकरेजा ने इंस्पेक्टर माल दत्त को दोषी करार देते हुए दो साल के कठोर कारावास और बीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।