टोक्यो ओलंपिक में मुक्केबाज आशीष चौधरी की हार से हिमाचल में उनके हजारों प्रशंसकों का दिल टूट गया। आशीष की हार से मां दुर्गा देवी के आंसू भी छलक पड़े। हालांकि, दुर्गा देवी का हौसला नहीं डगमगाया है। दुर्गा देवी ने कहा कि बेटा फिर से रिंग में जोरदार वापसी करेगा। भविष्य में आशीष और मेहनत कर देश का नाम रोशन करेगा। दुर्गा देवी ने बताया कि आने वाले समय में आशीष की और मेहनत करने की बात ने जता दिया है कि वो निराश नहीं है।
बल्कि आने वाले समय में और बेहतर प्रदर्शन कर अपना सपना पूरा करेगा। सोमवार को दोपहर तीन बजे आशीष का मुकाबला था। आशीष चौधरी का मैच देखने के लिए माता दुर्गा देवी सहित पूरा परिवार पैतृक गांव जरल में एक साथ मौजूद रहा। जब-जब आशीष चीन के बॉक्सर एर्बीके तुओहेता पर हावी होता तो तालियां बज रही थी। पहले राउंड में आशीष चौधरी पर एर्बीके तुओहेता ने आक्रामक रुख रखा और जीत हासिल कर ली।
जब दूसरे राउंड में आशीष ने आक्रामकता दिखाई तो एर्बीके तुओहेता को रक्षात्मक होना पड़ा। जब राउंड समाप्त होने पर फैसला आया तो अंपायरों ने एक बार फिर से फैसला एर्बीके तुओहेता के पक्ष में ही दिया। जिस पर कमेंटेटरों ने भी हैरानी जताई। आशीष के पक्ष में फैसला न आने परिवार निराश हो गया। इससे तीसरा राउंड महज औपचारिकता बनकर रह गया। हालांकि, तीसरे राउंड में भी आशीष ने पूरा दमखम दिखाया। आशीष बेशक हार गए पर परिवार का मनोबल नहीं टूटा है।
दूसरे राउंड में अंपायरों के फैसले से कमेंटेटर भी हैरान
पहले राउंड में पिछड़ने के बाद दूसरे राउंड में आशीष ने पूरा दमखम दिखाया। लग रहा था कि वो दूसरा राउंड जीत रहे हैं, लेकिन अंपायरों ने मुकाबला इंटरमीडिएट रखा। अंपायरों के इस फैसले पर कमेंटेटरों ने भी सवाल खड़े किए। मां दुर्गा देवी का कहना है कि भले ही आशीष की ओलंपिक में हार हो हुई है, लेकिन वह निराश नहीं हैं। देश के लिए प्रतिनिधित्व करना ही बड़ी बात है।