तिब्बतियों ने पारंपरिक परिधान पहनकर विरोध रैली निकाली। चीन के खिलाफ तिब्बती महिलाओं, बच्चों और युवाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन की अगुवाई कर रही स्टूडेंट फॉर फ्री तिब्बत की निदेशक रिंजिन ने कहा कि तिब्बतियों का दिल तिब्बत के लिए धड़कता है।
तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा के निवास स्थान मैकलोडगंज में तिब्बती नागरिकों ने चीन के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन कर अपना 110वां स्वतंत्रता दिवस मनाया। तिब्बतियों ने पारंपरिक परिधान पहनकर विरोध रैली निकाली। चीन के खिलाफ तिब्बती महिलाओं, बच्चों और युवाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन की अगुवाई कर रही स्टूडेंट फॉर फ्री तिब्बत की निदेशक रिंजिन ने कहा कि तिब्बतियों का दिल तिब्बत के लिए धड़कता है।
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तिब्बत से बाहर रह रहे हर तिब्बती चाहता है कि दलाईलामा के नेतृत्व में हम एक दिन अपने तिब्बत देश में जरूर लौटेंगे। रिंजिन ने कहा कि चीन हमेशा से यह बताता रहा है कि तिब्बत चीन का एक हिस्सा रहा है। यह सरासर झूठ है। तिब्बत को अपने कब्जे में लाने के लिए चीन हमेशा इस रणनीति को आगे बढ़ाता रहा है। स्वतंत्रता दिवस मनाने का यही मकसद है कि तिब्बत एक आजाद देश रहा है, आजाद है और आगे भी आजाद ही रहेेगा। स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में तिब्बती लोक नृत्य भी पेश किए।