शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग करने के आरोप लगाने वाले नेताओं को महापौर सुरेंद्र चौहान ने कड़ी नसीहत दी है। महापौर ने कहा कि जो नेता सीएम पर यह आरोप लगा रहे हैं, वह पहले अपने गिरेबान में झांके। छोटा शिमला में आयोजित कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में महापौर ने कहा कि ऐसे नेता पर सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग का आरोप लगाया जा रहा है जिन्होंने आपदा के समय अपनी सारी संपत्ति प्रदेश के खजाने के लिए दान कर दी थी। कोरोनाकाल के समय प्रदेश में भाजपा सरकार थी और जयराम ठाकुर मुख्यमंत्री थे, तब भी सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने 11 लाख रुपये की राशि सरकार को दी थी। दो साल तक तनख्वाह नहीं ली ताकि प्रदेश में अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हो सके। मरीजों का उपचार हो सके। लेकिन अब उन पर सरकारी संपत्ति का मिसयूज का आरोप लगाने वाले गलत राजनीति कर रहे हैं। ऐसे आरोप लगाने वाले नेताओं को राजनीति से उपर उठना चाहिए। सीएम निजी दौरे पर जा रहे हैं तो इस बारे में उच्च पद पर बैठे इंसान को इस तरह के आरोप नहीं लगाने चाहिए।