शिमला। प्लेटफॉर्म शिमला, भाषा कला एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में रंग कर्मी स्वर्गीय देवेन जोशी की स्मृति में गेयटी थियेटर में मुझे थियेटर क्यों पसंद है विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। भाषा एवं संस्कृति, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव राकेश कंवर ने कहा कि रंगमंच अभिव्यक्ति का अनूठा माध्यम है जो लेखक, अभिनेता और दर्शकों के बीच गहरा संबंध स्थापित करता है। वरिष्ठ निर्देशक एवं रंग संगीतज्ञ सुशील शर्मा ने कहा कि थियेटर ने उन्हें चुना इसलिए वह इसे पसंद करते हैं। चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष सुदेश शर्मा ने कहा कि रंगमंच आत्मसंतुष्टि का माध्यम है जो कलाकार को स्वात्विकता की ओर ले जाता है। वंदना भागड़ा ने थियेटर को समाज परिवर्तन का सशक्त माध्यम बताया। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय एवं रॉयल सेंट्रल स्कूल ऑफ स्पीच एंड ड्रामा लंदन से प्रशिक्षित दानिश इकबाल ने कहा कि थियेटर इनके खून में है। रंग कर्मी केहर सिंह ठाकुर, हरविंदर सिंह, प्रवीण चांदला, डॉ. कमल मनोहर शर्मा, संजय सूद, भूपिंदर शर्मा, मोहन जोशी और अर्श ठाकुर ने भी रंगमंच का महत्व बताया। संवाद