शिमला। वर्षों से लंबित प्रधानाचार्यों की नियमित पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी होने पर स्कूल प्रवक्ता संघ ने इसे शिक्षा विभाग के लिए अहम प्रशासनिक निर्णय बताया है। संघ का कहना है कि इससे पहले प्रधानाचार्यों की पदोन्नति अस्थायी आधार पर होती रही है जिससे व्यवस्था में अस्थिरता बनी रहती थी। संघ ने शिक्षा सचिव राकेश कंवर की भूमिका को भी अहम बताया। संगठन के अनुसार सचिव स्तर पर समन्वय और समयबद्ध निर्णयों के कारण यह प्रक्रिया अपेक्षाकृत कम समय में पूरी हो सकी। संघ का मानना है कि इससे शिक्षा विभाग की प्रशासनिक कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी होगी। प्रवक्ता संघ ने सरकार से आग्रह किया है कि पदोन्नत प्रधानाचार्यों को फरवरी के आरंभ तक नए कार्यस्थल आवंटित किए जाएं। संघ ने बताया कि इस निर्णय का स्वागत प्रदेश और जिला स्तर की सभी इकाइयों ने किया है। विभिन्न जिलों के पदाधिकारियों ने इसे शिक्षक वर्ग की लंबे समय से चली आ रही मांग की पूर्ति करार दिया है। संघ का कहना है कि ऐसे निर्णयों से प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी। संवाद