शिमला। राजधानी के गंज बाजार के राधा-कृष्ण मंदिर में कथा के अंतिम दिन कथा वाचक स्वामी प्रिय शरण ने छठे संत का चरित्र बताया। उन्होंने संत हरिराम व्यास जो विशाखा सखी के अवतार थे उनकी कथा सुनाई। बताया कि इनका जीवन ज्ञान, वैराग्य और त्याग से परिपूर्ण रहा है। बताया कि इन्होंने 15वीं शताब्दी में कलिकाल में श्रीराधा-कृष्ण जुगल प्रिया प्रीतम को लाड लडाया और संसार में भक्ति का मार्ग प्रशस्त कर प्रेम का ध्वज फहराया। सभा के प्रचार मंत्री ने सुमन पॉल दत्ता ने बताया कि कथा के अंतिम दिन सभा की ओर से स्वामी प्रिय शरण को स्मृति चिह्न माला पहनाकर सम्मानित किया गया। इस दौरान सभा के प्रधान अजय सूद, सचिव धर्मपॉल पूरी और प्रचार मंत्री सुमन पॉल दत्ता शामिल हुए। संवाद