शिमला। भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (एडवांस्ड स्टडी) में बुधवार को भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस और 1947 के विभाजन की दुखद घटनाओं को याद किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के सचिव मेहर चंद नेगी ने की। सेमीनार हाॅल में आयोजित इस कार्यक्रम में संस्थान के अध्येताओं और विद्वानों के अलावा बाहर से आए अतिथियों ने शिरकत की। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के जन संपर्क अधिकारी अखिलेश पाठक के उद्घाटन भाषण से हुआ। कहा कि 1947 के विभाजन को केवल एक राजनीतिक घटना नहीं थी, इसे एक विशाल मानवीय त्रासदी के रूप में याद रखा जाता है। उन्होंने प्रभावित लोगों की भावनाओं का सम्मान करने और उन भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक घावों को समझने पर जोर दिया। भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान के फेलो डॉ. प्रियंका वैद्य ने विभाजन कथा में आघात विषय पर विचार साझा किए। संस्थान के फेलो प्रो. विजय प्रकाश सिंह ने विभाजन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और राष्ट्र निर्माण में रक्षा की रीढ़ विषय पर विचार रखे। फेलो डॉ. टेकचंद कौल ने विभाजन से संबंधित भावपूर्ण संगीत की प्रस्तुति दी। संस्थान के अध्येता प्रो. ओपी शर्मा ने विभाजन की विभीषिका के साक्षी बने लोगों की पीड़ा को सभा में अभिव्यक्त किया। सचिव मेहर चंद नेगी और लोगों ने विभाजन से प्रभावित हुए लोगों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा। ब्यूरो