शिमला। राजधानी के राम मंदिर में शनिवार को दो दिवसीय अमृतवाणी सत्संग कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। सत्संग के पहले दिन राम शरणम के प्रमुख संत अश्वनी बेदी ने श्रद्धालुओं को श्री अमृतवाणी के नित्य पाठ और राम-नाम के निरंतर स्मरण की महिमा से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि राम नाम से जीवन में शांति और मंगल का संचार होता है। स्वामी सत्यानंद महाराज द्वारा रचित अमृतवाणी केवल शब्दों का संकलन नहीं, बल्कि भगवद्भक्ति, आत्म-कल्याण और साधना का दिव्य माध्यम है। उन्होंने अमृतवाणी की पंक्तियों अमृत वाणी का नित्य गाना, राम राम मन बीच रमाना, देता संकट विपद निवार, करता शुभ श्री मंगलाचार का भावार्थ बताते हुए कहा कि राम-नाम का स्मरण मन को एकाग्रता और शांति प्रदान करता है। श्रद्धा और निष्काम भाव से किया गया नाम-स्मरण व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति देता है। सत्संग में श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से अमृतवाणी का गायन किया। संवाद