शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के यूजीसी-मानव संसाधन विकास केंद्र (एमएमटीटीसी) में आयोजित फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम गुरु दक्षता का शनिवार को समापन हुआ। इसमें युवा शिक्षकों को अकादमिक नेतृत्व का मंत्र दिया गया। युवा शिक्षकों के लिए अकादमिक एवं व्यावसायिक उत्कृष्टता विषय पर आधारित इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए 107 सहायक प्राध्यापकों ने भाग लिया। समारोह में हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति शशि धीमान मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता एमएमटीटीसी के निदेशक डीआर ठाकुर ने की। उन्होंने कहा कि बदलते शिक्षा परिदृश्य में शिक्षकों को केवल विषय विशेषज्ञ नहीं बल्कि शोध, तकनीक और संवाद कौशल में भी दक्ष होना होगा। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने शोध पद्धति, नई शिक्षा नीति, ऑनलाइन शिक्षण, मानसिक स्वास्थ्य, पर्यावरणीय स्थिरता, संचार कौशल, प्लेगरिज्म, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आईसीटी आधारित शिक्षण और रिसर्च ग्रांट जैसे विषयों पर व्याख्यान दिए। मुख्य अतिथि प्रो. शशि धीमान ने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान की पहचान उसके शिक्षकों के चरित्र और कार्यशैली से होती है। संवाद