फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shimla News: कविताओं से बताया पहाड़ और प्रकृति का महत्व

विज्ञापन
विज्ञापन
शिमला। ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में सोमवार को कविता के स्वर चित्रकार प्रो. महेश चंद्र सक्सेना की स्मृति में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के आरंभ में मंच ने एक दिन पहले दिवंगत हुए प्रो. सक्सेना को याद किया और दो मिनट का मौन रखा। इसके बाद कार्यक्रम में डॉ. वंदना सिंह चौहान ने अपनी हाल ही में प्रकाशित कविता पुस्तक प्रकृति के सेवक अध्यक्षीय मंडल को भेंट की। मंच संचालन दीप्ति सारस्वत प्रतिमा ने किया। गोष्ठी के अध्यक्षीय मंडल में वरिष्ठ आलोचक डॉ. हेमराज कौशिक, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के राजनीति शास्त्र एवं जनसंख्या अध्ययन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विकास सिंह, हिंदी, अंग्रेजी एवं संस्कृत विभाग से डॉ. दीपाली धौल और अतिरिक्त निदेशक ग्रामीण विकास एवं एचएएस अधिकारी डॉ. सोनिया ठाकुर शामिल रहे। काव्य गोष्ठी में जगदीश बाली, सलिल शमशेरी, सिकंदर बंसल, अभिषेक तिवारी, वीरेंद्र शर्मा, डॉ. राजेश वर्मा, डॉ. वंदना, पूनम सांख्यान, उमा ठाकुर, हेमलता, जगदीश कश्यप, डॉ. कौशल्या ठाकुर, मंजू शर्मा, अश्वनी कुमार, पूजा सूद डोगर, कमला भोयल, यादव चंद सल्होतरा, जवाहर कौल और राजेश सहित कई युवा छात्र रचनाकार उपस्थित रहे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें