शिमला। बनूटी की पंचायत दुधाल्टी के मनसा माता मंदिर में आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण के दूसरे दिन शुक्रवार को नाम मंत्र की दीक्षा का महत्व बताया। शाम 4 बजे से शुरू हुई कथा में कथावाचाक आचार्य पवन शर्मा ने बताया कि वास्तव में श्रीमद् भागवत ग्रंथ कोई साधारण ग्रंथ नहीं होकर गायत्री परक ग्रंथ है। गायत्री माता के साधकों को भगवती गायत्री शुभ आशीर्वाद प्रदान किया करती हैं वैसे ही वैष्णवन को और साधकों के लिए यह भागवत ग्रंथ भी गायत्री की तरह फलदाई है। श्रद्धालुओं को बताया कि नाम मंत्र की दीक्षा लेकर ही भागवत का श्रवण करना चाहिए जिससे 84 लाख योनियों में एक जो यह मनुष्य शरीर मिला है, यह हमारे सब जन्मों के पापों को नष्ट करता है। संवाद